Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
तानप्यन्तरमासाद्य जघ्नुर्देवा भयानकाः ।
व्योमान्तरगताः श्येनाः कलविङ्कानिवाकुलान् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
भयानक देवताओं ने अवसर पाकर जैसे आकाश में
स्थित बाज पक्षी व्याकुल हुई गौरैयों को मार डालता है, वैसे ही उनको भी मार डाला