Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 34
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 34 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 34
संस्कृत श्लोक
ससर्ज मायया घोरानसुरांस्त्रीन्महाबलान् ।
बलरक्षार्थमुदितान्कालान्मूर्तिमिव स्थितान् ॥ ३४ ॥
हिन्दी अर्थ
फिर तो उसने अपनी सेना की रक्षा के लिए मूर्तिमान तीन कालों की तरह उदित हुए
महाबली बड़े भीषण तीन असुरो की माया से सृष्टि की