Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 35
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 35 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 35
संस्कृत श्लोक
निर्वृत्ता मायया भीमा बलपादपवाहिनः ।
उदगुस्ते महामायाः पक्षक्षुब्धा इवाद्रयः ॥ ३५ ॥
हिन्दी अर्थ
माया से बने हुए अतएव बड़े मायावी,
बलरूपी वृक्षों को धारण करनेवाले वे भयंकर सेनापति अपने परों से क्षुब्ध हुए सेना की तरह वृक्षों को
धारण करनेवाले बड़े भयानक पर्वतो की तरह उत्पन्न हुए