Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 26, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 26, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 26 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
जगृहुस्तानथाक्रम्य जरठासूनिवौतवः ।
तेऽपि ताञ्जगृहुर्मत्तानृक्षारूढानिव द्रुमान् ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर जैसे बिल्लियाँ झपट कर बूढ़े चूहों को पकड़ती हैं,
वैसे ही उन्होंने राक्षसों के ऊपर आक्रमण कर उन्हे पकड़ा ओर राक्षसों ने भी देवताओं को ऐसे पकड़ा
जैसे वृक्षों पर चढ़े हुए उन्मत्त आदमियों को भालू पकड़ते हैं