Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 26, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 26, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 26 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
दोर्वृक्षविलसद्धेतिकुसुमाः शस्त्रपल्लवाः ।
रेजुः सुरासुराः फुल्ला वनलोला इव द्रुमाः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
जिनके बाहुरूपी वृक्षों पर शस्त्रास्त्ररूपी
फूल खिल रहे थे और शस्त्र रूपी पल्लव शोभित हो रहे थे, ऐसे सुर ओर असुर वन में हिल रहे फूले हुए
वृक्षो की तरह सुशोभित हुए