Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 26, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 26, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 26 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
घोरं समभवद्युद्धं देवदानवसेनयोः ।
रोदोरन्ध्रोदुम्बरान्तर्महामशकसंघयोः ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
अन्तरिक्ष और
पृथ्वी के अवकाशरूपी गूलर के फल के अन्दर रहनेवाले महामशकों के संघ के तुल्य देवता और दानवों
की सेनाओं का घोर युद्ध हुआ