Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 26, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 26, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 26 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
रेणुः शैलशिलातुल्यहेतिघातास्तभित्तयः ।
कुलाचलतटाभीरुविश्रान्तहरिमण्डलाः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
पर्वत की शिलाओं के तुल्य शरत्रास्त्रों के आघात से जिनकी दीवार ढह गई थी।
भयभीत सिंह जिनमें विश्राम ले रहे थे एसे हिमालय आदि कुलपर्वत के तट गूँजने लगे