Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, Verse 20
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 29, verse 20 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
विबुधानां प्रहरतां मशकत्वमुपागताः ।
क्षतविक्षतसंघातास्तस्थुः सामान्यसद्भटाः ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
प्रहार कर रहे देवताओं के सामने मच्छररूपता को प्राप्त
हुए क्षत-विक्षत शरीरवाले वे अन्यान्य साधारण योद्धाओं की नाई स्थित हुए