Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 30, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 30, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 30 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
शम्बरस्य भयाद्गत्वा पातालमथ सप्तमम् ।
दामव्यालकटास्तस्थुस्त्यक्त्वाथ निजमण्डलम् ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर दाम, व्याल और कट शम्बर
के भय से अपने देश को छोडकर सातवें पाताल में चले गये