Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 30, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 30, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 30 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
तैः सार्धं नीतवन्तस्ते तत्र दामादयोऽवधिम् ।
दशवर्षसहस्रान्तमात्तानन्तकुवासनाः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
अनन्त कुवासनाओं को प्राप्त हुए उन दाम आदि ने वहाँ पर दस
हजार वर्ष पर्यन्त शेष आयु यमराज के सेवकों के साथ बिताई