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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 36

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 32, verse 36 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 36

संस्कृत श्लोक

न विनाशो भवत्यङ्ग गच्छतां परमां गतिम् । इदं मे स्यादिदं मे स्यादितिबुद्धेर्महामते ॥ ३६ ॥

हिन्दी अर्थ

किससे तव पुरुषार्थ का विनाश होता है ? इस पर कहते हैँ । हे महामते, यह मेरे हो, यह मुझे प्राप्त हो, इस प्रकार की बुद्धिवाले पुरुष का अपनी दुर्भाग्य प्रयुक्त दीनता से नष्ट हुए पुरुषार्थ की भस्म भी शेष नहीं रहती