Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 31
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 34, verse 31 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 31
संस्कृत श्लोक
वासनाचित्तनामानौ शब्दावर्थसमन्वितौ ।
सत्यावलोकनाद्यत्र विलीनौ तत्परं पदम् ॥ ३१ ॥
हिन्दी अर्थ
वासना
और चित्त नाम के अर्थ युक्त दो शब्द जहाँ परमार्थ सत्य के दर्शन से विलीन हो गये, वह परम पद
है