Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 42, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 42, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 42 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
यथा दीपेन दीपानां जातानामात्मनां तथा ।
देशकालकलामात्रभेदः स्वाभाविकश्चितेः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे दीपक से उत्पन्न हुए दीपको का देश, काल ओर कलामात्र
से भेद है वैसे ही चित् का भी उपाधिस्वरूप से प्राप्त हुआ आत्मभेद है