Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 43, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
केचिद्विभवसंसारमन्त्रिसामन्तभूमिपाः ।
केचिच्चीराम्बराच्छन्ना मुनिमौनमुपस्थिताः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
कोई अपने वैभव से संसार में भ्रमण करनेवाले मन्त्री, सामन्त और राजा के रूप में
विद्यमान हैं, तो कोई वस्त्र न मिलने के कारण अथवा तपस्या के लिए वल्कल वस्त्रों से आच्छन्न हो
मुनियों के मौन को प्राप्त हे