Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 43, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
केचिच्चिरेण कालेन भविष्यन्मुक्तयः शिवाः ।
केचिद्द्विषन्ति चिद्भावाः केवलीभावमात्मनः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
किन्हीं कल्याण भाजन जीवों की
चिरकाल में मुक्ति होनेवाली है, तो कोई जीव भोगलम्पट होकर आत्मा के केवल्य का द्वेष करते हैं