Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 46, Verse 25
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 46, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 25
संस्कृत श्लोक
जीवन्मुक्ता महात्मानो नित्यतृप्ता महाधियः ।
आचारैरनुगन्तव्या न भोगकृपणाः शठाः ॥ २५ ॥
हिन्दी अर्थ
नित्यतृप्त, महाबुद्धि, जीवन्मुक्त महात्मा ओं
का सदाचार से अनुसरण करना चाहिये, भोगलम्पट मूर्खो का अनुसरण नहीं करना चाहिये