Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 46, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 46, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
न त्यजन्ति न वाञ्छन्ति व्यवहारं जगद्गतम् ।
सर्वमेवानुवर्तन्ते पारावारविदो जनाः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्मतत्त्व ओर जगत्तत्त्व को जाननेवाले पुरुष न तो जगत के व्यवहार का त्याग करते हैं और न उसकी
इच्छा करते हैं, किन्तु सबका ही अनुवर्तन करते हैं