Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 48, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 48, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
अशरीरामिति श्रुत्वा गिरमारक्तलोचनः ।
धैर्यमासादयामास शिखण्डी स्तनितादिव ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
दाशूर के नेत्र मारे विलाप के लाल हो गये थे, वे एसी आकाशवाणी सुनकर जैसे मोर मेघ का
गर्जन सुनकर धैर्य को प्राप्त होता है वैसे ही धैर्य को प्राप्त हुए