Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 49, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 49, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
विचित्रवर्णपक्षाणां स्कन्धकोटरचारिणाम् ।
वृतं खगानां वृन्देन भूतानामिव शार्ङ्गिणम् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे पार्षदों के समूह से
भगवान विष्णु आवृत रहते हैं वैसे ही विचित्र रंग बिरंग के पंखवाले, कन्धों के खोखलों में रहनेवाले
पक्षियों के समूह से वह व्याप्त था