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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 50, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 50, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

शालिसंसारकेदाराश्चन्दनस्थालिकान्विताः । शिखरोरसिजालग्नहिमशुभ्राम्बुदांशुकाः ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

धान आदि के कम्प से चंचल हो रहे खेत ही उनके अंगविलास थे, उनके ललाट चन्दन से पूर्ण थे, पर्वत शिखररूपी स्तनों मे चारों ओर सटी हुई हिमराशि ओर सफेद मेघ ही उनके वस्त्र थे