Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 53, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 53, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
तत्स्वरूपमिदं सर्वं जगदाभोगि विद्यते ।
जायते तत्र जाते तु तस्मिन्नष्टे विनश्यति ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
यह विशाल सारा जगत उसका परिणाम है,
क्योंकि संकल्प के उत्पन्न होने पर उत्पन्न होता है और संकल्प के नष्ट होने पर नष्ट हो जाता है