Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 59, Verse 39
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 59, verse 39 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 59 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
निर्ममो निरहंकारः परां शान्तिमुपागतः ।
अविक्षुब्ध इवाम्भोधिरात्मनात्मनि तिष्ठति ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
ममतारहित, अहंकारशून्य अतएव परमशान्ति को प्राप्त हुए क्षोभरहित ब्रह्मा निश्चल सागर की तरह
अपनी आत्मा से आत्मा में स्थित होते हैं