Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 60, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 60, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
फलेषु तेषु बघ्नाति पदमिन्दुकरात्क्षता ।
जीवाली क्षीरपूर्णेषु मातुः स्तनभरेष्विव ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार पूर्वोक्त जीवपरम्परा
चन्द्रमा की किरणों से गिर कर जैसे बालक दूध से भरे हुए माता के स्तनों में स्थिति करता है वैसे ही रस
से भरे हुए उन फलों में स्थिति करती है