Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 60, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 60, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
ताः फलावलयः पक्वा भविष्यन्ति मरीचिभिः ।
तेष्वेव वीर्यमागत्य तिष्ठन्त्यप्राप्तबोधिताः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
वे फलों की पंक्ति सूर्य की किरणों से पक जायेंगी।
कश्यप आदि से उपभुक्त उन्हीं फलों में वीर्यता को प्राप्त होकर मूच्छितप्राय वे जीवजातियाँ रहती
है