Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 62, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 24
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हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, मेरी
वाणी के इस प्रकार अविनाशी अर्थ का आपने क्या उस तरह ग्रहण किया, जिस तरह हंस जल से यानी
दूध से मिश्रित जल में से जल का परित्याग कर दूध का ग्रहण करता है