Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, Verse 25
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 62, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 25
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हिन्दी अर्थ
हे साधो, इसका अपनी
बुद्धि से आद्योपान्त बार-बार विचार कर इसी मार्ग से यानी पहले उपदिष्ट वासनाक्षय, मनोनाश,
प्राणनिरोध तथा ज्ञानाभ्यासरूपी मार्ग से ही अव आपको जाना चाहिए