Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, Verse 37
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 62, verse 37 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 37
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हिन्दी अर्थ
श्रीरामभद्र, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न
अपने आश्रम में प्राप्त गुरुजी के चरणों की भक्तिपूर्वक पूजा करके दशरथ के मन्दिर की ओर आ
गये