Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 1, Verse 21

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 1, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 21

संस्कृत श्लोक

इत्युक्त्वा मुनिरुत्तस्थौ समं दशरथः प्रभुः । ससदाः सेन्दुरादित्य उदयाद्रितटादिव ॥ २१ ॥

हिन्दी अर्थ

ऐसा कह कर मुनिजी उठे । जैसे उदयाचल के शिखर से चन्द्रमा के साथ सूर्य उदित हों वैसे ही मुनिजी के साथ महाराज दशरथ सभासहित उठे