Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 69
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 13, verse 69 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 69
संस्कृत श्लोक
क्व जडैरुपलाकारैर्मिथ्याभ्रमभरोत्थितैः ।
मृगतृष्णामयैरेभिर्मनोभिः क्रियते क्रिया ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
पत्थर के
तुल्य जड, मिथ्या भ्रमो से उत्पन्न मृगतृष्णामय इन मनों से कहाँ क्रिया की जाती हे ?