Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 14, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 14, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 14 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
अर्बुदान्यनिलो हन्ति क्षमाजातेषु चान्वहम् ।
दंशानां मशकानां च कैवात्र परिदेवना ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
भूमि में उत्पन्न होनेवाले जीवों में से डाँसों और मच्छरों का
प्रतिदिन वायु संहार कर डालता है, इसमें कौन-सा शोक है ?