Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 16, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 16, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 16 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
सर्वं समतया बुद्ध्वा यं कृत्वा वासनाक्षयम् ।
जहाति निर्ममो देहं ज्ञेयोऽसौ वासनाक्षयः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
प्रथम वासनाक्षय का उपपादन करते हैं।
सारे जगत को ब्रह्मरूप से जानकर भूमिका अभ्यास के क्रम से जो वासना त्याग को करके निरहंकार
ओर निर्विकल्प समाधिस्थ है अथवा प्रारब्धक्षय द्वारा जो सर्वथा देह त्याग है, वह ज्ञेय वासनाक्षय कहा
गया हे