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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, Verse 13

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 20, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 13

संस्कृत श्लोक

बभूवुस्ते स्रवन्तीषु सरःस्वम्भोजिनीषु च । बहवो बन्धवो मत्स्यास्तान्कथं नानुशोचसि ॥ १३ ॥

हिन्दी अर्थ

नदियों, तालाबों ओर पोखरो में तुम्हारे बहुतसे मत्स्य बन्धु हुए थे, उनके लिए तुम शोक क्यों नहीं करते ?