Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, Verse 49
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 29, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
समस्तजन्मरोगाणां प्रविचार्य बलाबलम् ।
तृष्णामुत्सृज्य भोगानां भोक्तैव भव केवलम् ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
तृष्णा बढ़ने पर जन्म आदि रोगों की प्रबलता ओर तृष्णा के कम होने
पर जन्म आदि रोगों की दुर्बलता होती है, इस बात को अन्वय-व्यतिरेक से जानकर भोगों की तृष्णा
का त्यागकर आप एकमात्र भोग साक्षी ही होइये