Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 33, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 33, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 33 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
अत उत्तरमेतेन गर्भता दनुजन्मना ।
न कर्तव्या प्रदग्धेन बीजेनेवाङ्कुरक्रिया ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे जला हुआ बीज अंकुर पैदा नहीं कर सकता, वैसे
ही इसके बाद इस दानव को मातृगर्भनिवास नहीं करना होगा