Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 37, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 37, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
असुरेशार्थिनां तेषां दानवानां समाधितः ।
परेणापि प्रयत्नेन प्रह्लादो न व्यबुध्यत ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
असुरो के अधिपति की चाहवाले
उन दानवों के बड़े प्रयास से भी प्रह्लाद समाधि से प्रबुद्ध नहीं हुआ