Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
क्षणादाक्रमयामास प्राणश्रीः सर्वतोऽसुरम् ।
उदयानन्तरं सौरी प्रभेव भुवनान्तरम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
क्षणभर में जैसे उदय के अनन्तर सूर्य की प्रभा भुवन के मध्य को पूर्ण
कर देती है वैसे ही प्राणों ने चारों ओर से प्रह्लाद को पूर्ण कर दिया