Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 45, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 45, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 45 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
द्वादशाब्ददशां यातं संस्थितं षोडशाब्दिकम् ।
पीवरांसमुदाराङ्गं पयोदमिव मेदुरम् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
विशालकाय, उदीयमान मेघ के समान था