Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 47, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
ततो ग्रामेषु तत्पृष्टैः प्रोक्तं सकलजन्तुभिः ।
राजा बभूव श्वपचो वर्षाण्यष्टाविहेति तैः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर गाँव में पूछे गये सब लोगो नें आठ वर्ष तक यहाँ पर चाण्डाल राजा
हुआ, यह कहा