Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 48, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
एते ते यमवारीशकुबेरप्रतिमौजसः ।
सामन्ता वासवस्येव लोकपाला महीभृतः ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
ये वे इन्द्र के यम आदि लोकपालों के समान राजा के यम, वरुण, कुबेर के समान तेजस्वी
अधीन देशों के राजा लोग हैं