Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 48, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
स्थलीष्वेतासु तास्वत्र सह श्वपचबालकैः ।
चिरं विलुठितं चूतपत्रपुञ्जे पिकैरिव ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
ये वे भूमिस्थल हैं जहाँ पर आम के पत्तों पर कोकिलों
के समान चाण्डाल बालकों के साथ चिरकाल तक मैंने धूलि-क्रीड़ा की थी