Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 50, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 50, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

चक्रयुद्धैकतज्ज्ञोऽसि कस्माज्जानासि नानघ । चक्रं नाभाववष्टब्धं वशमायाति नान्यथा ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

आप चक्रयुद्धो मे मुख्य तथा उनको रोकने ओर घुमाने आदि में कुशल है, इसलिए आप उक्त दृष्टान्त को क्यों नहीं जानते हैं ? नाभि में रोका गया चक्र वश में आता हे, अन्यथा नहीं