Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 70
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 54, verse 70 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 70
संस्कृत श्लोक
तत्पदं सा गतिः शान्ता तच्छ्रेयः शाश्वतं शिवम् ।
तत्र विश्रान्तिमाप्तस्य भूयो नो बाधते भ्रमः ॥ ७० ॥
हिन्दी अर्थ
वह सर्वोत्कृष्ट पद है, वही सर्वोत्कृष्ट शान्त गति
है, वही शाश्वत कल्याण कर है, वह शिव है, वहाँ पर विश्रान्ति को प्राप्त हुए मनुष्य को भ्रम फिर बाधा
नहीं पर्हैवाता