Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 58, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 58, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 58 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
किमार्तं पीडयाम्येनं तिलान्यन्त्रमिवौजसा ।
सर्वेषामेव भूतानां ममेवार्तिः प्रजायते ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
दुःख से जनित चिन्ता और शोक को दिखलाते हैं।
कोल्हूयन्त्र में जैसे तिल पीसे जाते हैं, वैसे इन दुःखी प्रजाजनों को बलपूर्वक मैं क्यों पीसता हूँ
यानी दुःख दे रहा हूँ ? सभी प्राणियों को वैसे ही दुःख होता है, जैसे कि मुझे होता है