Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 64, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 64, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 64 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
अज्ञाननिद्रोपशमे जनो ज्ञानार्कबोधितः ।
तत्प्रबोधमवाप्नोति पुनर्येन न मुह्यति ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
शास्त्ररूपी सूर्य से बोधित हुआ पुरुष अज्ञानरूपी निद्रा का विनाश होने के
बाद उस विज्ञान को प्राप्त करता है, जिसकी प्राप्ति से मनुष्य को फिर कभी मोह नहीं होता