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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 64, Verse 8

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 64, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 64 · श्लोक 8

संस्कृत श्लोक

सम्यग्विज्ञानवान्शुद्धो योऽन्तःशान्तमना मुनिः । न बाध्यते स मनसा करिणेव मृगाधिपः ॥ ८ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे हाथियों से सिंह पराभव को प्राप्त नहीं होता, वैसे ही जो सम्यक्‌ ज्ञान से युक्त, निर्मल, भीतर से प्रसन्नमन मुनि है, वह कभी भी मन से पराभव को प्राप्त नहीं होता