Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 66, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 66, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 66 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
एतावत्यो दिनावल्लयो मद्वियोगवता त्वया ।
वद क्व क्षपिताः साधो कच्चित्ते सफलं तपः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रियवर, मुझसे
अलग होकर तुमने इतने दिन कहाँ व्यतीत किये यह बतलाओ । क्या तुम्हारी तपश्चर्या सफल
हुई ?