Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 66, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 66, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 66 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
कच्चित्ते विज्वरा बुद्धिः कञ्चिज्जातस्त्वमात्मवान् ।
कच्चित्फलितविद्यस्त्वं कच्चित्कुशलवानसि ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
तुमने तत्त्वज्ञान से आत्मा प्राप्त कर लिया ? क्या तुम्हारी विद्या सफल हो गई ? अच्छा, कहो तुम
कुशल तो हो ?