Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 67, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 67, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 67 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
अन्तःसङ्गेन रहितो यद्वत्सलिलकाष्ठयोः ।
संबन्धस्तद्वदेवान्तरसङ्गो देहदेहिनोः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे जल और काठ का सम्बन्ध भीतर के सम्बन्ध से रहित होता है, वैसे ही देह
और देही आत्मा का सम्बन्ध भी भीतर के सम्बन्ध से (परमार्थ सम्बन्धसे) रहित होता है