Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 67, Verse 20
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 67, verse 20 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 67 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
अन्तःसङ्गेन रहितः संबन्धो जलकाष्ठयोः ।
स देहदेहिनोश्चैवं प्रतिबिम्बाम्भसोस्तथा ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे
जल और काठ का तथा प्रतिबिम्ब ओर जल का सम्बन्ध अन्तःसंग से रहित यानी तादात्म्य सम्बन्ध से
शून्य होता है, वैसे ही देह ओर देही का भी सम्बन्ध अन्तःसंग से रहित यानी तादात्म्य सम्बन्ध से शून्य
ही होता है