Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 13
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हिन्दी अर्थ
भूमि के बिल में
पड़ा हुआ अतएव अपने अंगों मे पीडा का अनुभव कर रहा बेचैन कीट जो काल काट रहा है, वह भी
आसक्ति के फल का विस्तार है